बरुईपुर दुष्कर्म-हत्याकांड : निषेधाज्ञा के बीच बच्ची के परिजन से मिले ममता के करीबी नेता

बरुईपुर दुष्कर्म-हत्याकांड के बीच तृणमूल नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मदद का भरोसा दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कई संदिग्धों को गिरफ्तार कर एसआईटी जांच शुरू की।

Razi Ahmad
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Baruipur Rape Murder Case : तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी नीत खेमे के नेताओं ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में लागू निषेधाज्ञा के बीच सोमवार को क्षेत्र का दौरा किया और उस 11 वर्षीय बच्ची के परिजन से मुलाकात की, जिसकी कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी।

कोलकाता से 25 किलोमीटर दूर स्थित बरुईपुर का दौरा करने वाले तृणमूल नेताओं में पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक बिमान बनर्जी, राज्यसभा सदस्य डोला सेन और जयनगर की सांसद प्रतिमा मंडल सहित अन्य शामिल हैं। उन्होंने पीड़िता के माता-पिता से अलग-अलग मुलाकात कर उन्हें पार्टी की तरफ से कानूनी और अन्य तरह की मदद का भरोसा दिलाया।

सेन ने संवाददाताओं से कहा, “हम ममता बनर्जी के प्रतिनिधि के तौर पर यहां आए और पीड़िता के पिता से उनके बारुईपुर स्थित आवास पर तथा मां एवं परिवार के अन्य सदस्यों से थोड़ी दूरी पर उनके पैतृक गांव स्थित मकान में मुलाकात की। हमने उन्हें भरोसा दिलाया कि ममता बनर्जी परिवार के साथ मजबूती से खड़ी हैं और वह उसे हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएंगी।”

बरुईपुर के लिए रवाना होने से पहले तृणमूल नेताओं ने दक्षिण कोलकाता में ममता के आवास पर बैठक की। पार्टी ने रविवार रात आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए उनके घर के बाहर बैरिकेड लगाए गए और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

बरुईपुर दक्षिण से तृणमूल विधायक बिमान बनर्जी ने कहा, “पुलिस को अपराधियों का पता लगाने के लिए ज्यादा सक्रिय होना चाहिए था। स्थानीय लोगों के पास विरोध-प्रदर्शन करने के अलावा कोई चारा नहीं था और उनका विरोध स्वाभाविक था।”

उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका गया। यह लोगों की आवाज दबाने की कोशिश करने के अलावा कुछ नहीं है।”

बनर्जी ने आरोप लगाया, “पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए हमारे दौरे में कई रुकावटें आईं। पुलिस ने हमें कई जगहों पर रोका और हमारी गाड़ियों की तलाशी ली, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ममता हमारे साथ यात्रा तो नहीं कर रही हैं।”

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध-प्रदर्शन के एक दिन बाद सोमवार को भी बरुईपुर में तनाव बरकरार रहा। प्रदर्शनकारियों ने रविवार को एक प्रमुख सड़क जाम कर दी थी, टायर जलाए थे, पुलिस टीम पर पथराव किया था और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी।

रविवार को एक तालाब से बोरी में रखा बच्ची का शव बरामद हुआ था, जिसके बाद भीड़ ने उसके (बच्ची) साथ दुष्कर्म और हत्या में शामिल होने के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

पुलिस ने रविवार को हुई हिंसा के बाद बरुईपुर और उसके आसपास के नरेंद्रपुर और सोनारपुर थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया था।

राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता स्थानीय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करेंगे।

पुलिस ने बताया कि रविवार रात चलाए गए तलाश अभियान के दौरान दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया और तीन अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया, जबकि मामले के मुख्य आरोपी आनंद सरदार को सोमवार को पकड़ लिया गया।

कोलकाता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पीड़िता के परिवार को न्याय मिले और दोषियों को फांसी की सजा हो।

उन्होंने कहा, “यह एक बेहद भयानक अपराध है। मैंने पीड़िता के माता-पिता से बात की है और सरकार वह सब कुछ कर रही है, जिसकी परिवार ने मांग की है। उन्हें न्याय मिलेगा और अपराधियों को मौत की सजा होगी। मुझे खुशी है कि परिवार ने सरकार पर भरोसा जताया है।”

शुभेंदु ने कहा कि मुख्य अपराध के अलावा उसके बाद हुई हिंसा के सिलसिले में भी तीन मामले दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने कहा, “भीड़ हत्या की एक घटना हुई, जिसमें सांप्रदायिक पहलू भी शामिल था। रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे 2019 के सीएए-विरोधी प्रदर्शनों और हाल में हुए वक्फ अधिनियम-विरोधी प्रदर्शनों की यादें ताजा हो गईं। इसके अलावा, सीआरपीएफ के दो जवानों पर हमला किया गया और पुलिस के एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया।”

शुभेंदु ने कहा, “हम परिवार को निश्चित रूप से न्याय दिलाएंगे। लेकिन हम उन हताश लोगों को भी उनकी सोच से कहीं ज्यादा कठोर सजा देंगे, जो चुनाव में हार के बाद अपने कमरों में बंद हो गए और इस हिंसा की साजिश रची।”

उनका इशारा तृणमूल कांग्रेस के उन स्थानीय नेताओं की ओर था, जिन पर रविवार के हिंसक विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का शक है।

हालांकि, तृणमूल सांसद प्रतिमा मंडल ने शुभेंदु के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि सत्ताधारी दल जानबूझकर तृणमूल कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पार्टी ने सांप्रदायिक रूप से उकसाने वाली कोई हरकत नहीं की।

मंडल ने कहा, “हम जानते हैं कि सरकार हमें बदनाम करने की कोशिश करेगी, क्योंकि हम विपक्ष में हैं। आज पीड़ित परिवार से मिलते समय हमने कोई हंगामा नहीं किया और न ही सरकार विरोधी नारे लगाए; हमने बस उन्हें मदद का भरोसा दिलाया।”

भाजपा विधायक और आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि ऐसे अपराध पिछली तृणमूल सरकार के दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार का नतीजा हैं।

देबनाथ ने कहा, “यह जानकर मेरा दिल बैठ जाता है कि लोग इस हद तक गिर सकते हैं और संवेदनाहीन हो सकते हैं। मैं सरकार से अपील करती हूं कि ऐसे अपराधों से सख्ती से निपटा जाए। मुझे भरोसा है कि पुलिस इस मामले की गहन जांच करेगी।”

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि लड़की की हत्या की गई है। पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसमें उसके साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। साथ ही इसमें सिर पर चोट लगने और पानी में डूबने की वजह से उसकी मौत होने की बात कही गई है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।