
धनबाद : बीसीसीएल ने देश में कोयला वाशरी परिसंपत्ति मुद्रीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी 2 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) क्षमता वाली दुग्धा कोल वाशरी को जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड को सौंप दिया है। इसे देश में कोयला वाशरी की पहली एसेट मॉनेटाइजेशन परियोजना माना जा रहा है। कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह हस्तांतरण बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन में संपन्न हुआ। इस दौरान बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी तथा जेएसडब्ल्यू स्टील एवं जेएसडब्ल्यू एनर्जी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बीसीसीएल के अनुसार इस पहल का उद्देश्य कोयला क्षेत्र की परिसंपत्तियों का आधुनिकीकरण, परिचालन दक्षता में सुधार तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। कंपनी का मानना है कि इस परियोजना से कोयला धुलाई क्षमता बढ़ेगी, घरेलू कोकिंग कोयले के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और इस्पात उद्योग के लिए धुले हुए कोकिंग कोयले की उपलब्धता में सुधार होगा। यह कदम भारत सरकार के मिशन कोकिंग कोल के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य कोकिंग कोयले की घरेलू उपलब्धता बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
बीसीसीएल ने कहा कि जेएसडब्ल्यू की भागीदारी से कोयला आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता बढ़ेगी तथा झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। कंपनी के मुताबिक यह पहल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के साथ-साथ देश में एक अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर कोयला क्षेत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

