मंत्रिमंडल ने 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की आठ रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की आठ रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी, 1,200 किलोमीटर नेटवर्क बढ़ेगा और माल ढुलाई क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

Razi Ahmad
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नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को रेल मंत्रालय की 20,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली आठ परियोजनाओं को मंजूरी दी।

इन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा और कटनी-पेंड्रा रोड खंड के बीच चौथी लाइन तथा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड खंड के बीच तीसरी लाइन का निर्माण शामिल है।

इसके अलावा अरक्कोणम-रेणिगुंटा और व्हाइटफील्ड-बंगारपेट के बीच तीसरी एवं चौथी लाइन बिछाने तथा सिकंदराबाद (घाटकेसर)-काजीपेट खंड में मल्टी-ट्रैकिंग का काम किया जाएगा।

साथ ही, हासुर-ओमलूर और सेलम-करूर-दिंडीगुल खंड में मौजूदा एकल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, इन परियोजनाओं से रेल लाइन क्षमता बढ़ेगी, जिससे परिचालन दक्षता और सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार होगा तथा भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।

इन परियोजनाओं को ‘प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के तहत एकीकृत योजना और संबंधित पक्षों के परामर्श के जरिये तैयार किया गया है। इनसे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए बेहतर बहु-माध्यम संपर्क उपलब्ध होगा।

सरकार ने कहा कि पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 20 से अधिक जिलों में फैली इन परियोजनाओं से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में करीब 1,200 किलोमीटर की वृद्धि होगी।

इन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के निर्माण से एक करोड़ से अधिक आबादी वाले 6,900 से ज्यादा गांवों को बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने कहा कि इन परियोजनाओं से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इनमें तारातारिणी मंदिर, श्रीक्षेत्र जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य, अमरकंटक मंदिर और अचानकमार बाघ अभयारण्य शामिल हैं।

इन मार्गों से कोयला, सीमेंट, लौह एवं इस्पात जैसी वस्तुओं की ढुलाई भी बढ़ेगी। सरकार के मुताबिक, क्षमता बढ़ाने की इन परियोजनाओं से सालाना 7.4 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता पैदा होगी।

सरकार ने कहा कि इन परियोजनाओं से देश के लॉजिस्टिक खर्च और तेल आयात को कम करने तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। इससे उत्सर्जन में होने वाली कटौती करीब 4.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन नई मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि देश में विकसित की जा रही हाई-स्पीड ट्रेन अगले साल मई-जून तक परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि गुजरात में 100 किलोमीटर लंबे सूरत-वापी खंड पर बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने की समयसीमा अगले साल अगस्त तय की गई है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।