नयी दिल्ली : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को ‘चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी’ (क्रेस्ट) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के तौर पर काम कर चुके भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के अधिकारी और उनकी पत्नी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अधिकारियों ने बताया कि उन पर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के खातों से 75.4 करोड़ रुपये की सरकारी राशि के कथित गबन का आरोप है।
सीबीआई ने विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया है। एजेंसी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के आरोपी अधिकारी नवीन श्रीवास्तव की पत्नी इस कंपनी की निदेशक थीं। प्रवक्ता ने कहा कि कथित तौर पर ‘क्रेस्ट’ के ‘आईडीएफसी फर्स्ट बैंक’ के खातों से धन का गबन किया गया। इस मामले में धोखाधड़ी की कुल राशि 75.4 करोड़ रुपये है। जांच के अनुसार, क्रेस्ट के सीईओ के पद पर रहते हुए श्रीवास्तव ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कथित आपराधिक साजिश रची, सोसाइटी के धन का कथित रूप से गबन किया और लोक सेवक के रूप में आपराधिक कदाचार में लिप्त होकर अवैध रिश्वत प्राप्त की।
प्रवक्ता ने कहा, “आरोपी की पत्नी, जो मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक हैं, और कंपनी को भी अपराध में मदद करने तथा आपराधिक साजिश का हिस्सा होने के आरोप में आरोपपत्र में शामिल किया गया है।’’ बयान में कहा गया कि कंपनी को कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई राशि में से 95 लाख रुपये मिले थे और उसने आगे इस धन का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया। सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश, साक्ष्य नष्ट करना, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं।
इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत रिश्वतखोरी, आपराधिक कदाचार और अपराध के लिए उकसाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

