नयी दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 210.13 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में चंद्रा प्रोटेको लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एजेंसी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि उसके अधिकारियों ने प्रयागराज में चंद्रा प्रोटेको के निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी भी ली और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए।

सीबीआई के प्रवक्ता ने बयान में बताया कि इंडियन बैंक की शिकायत पर चंद्रा प्रोटेको और उसके निदेशकों रंजीत गुप्ता, अनिलेश गुप्ता, अपर्णा गुप्ता, अज्ञात लोकसेवकों और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध करने के आरोप हैं। इस कथित धोखाधड़ी से शिकायतकर्ता बैंक सहित पांच बैंकों को कुल 210.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बयान में कहा गया है, ‘‘आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची और इंडियन बैंक के नेतृत्व वाले छह बैंकों के समूह से 541.46 करोड़ रुपये की नकद ऋण सुविधा (कैश क्रेडिट), सावधि ऋण (टर्म लोन) और साख पत्र (लेटर ऑफ क्रेडिट) प्राप्त किए।’’
एजेंसी ने बताया कि कंपनी व्यवस्थित तरीके से वित्तीय अनियमितताओं में शामिल थी।
सीबीआई ने कहा, ‘‘कंपनी ने बैंक से मिली धनराशि का इस्तेमाल उस निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं किया, जिसके लिए उसे मंजूरी दी गई थी। उसने सहयोगी कंपनियों के माध्यम से धनराशि दूसरी जगह भेज दी, जिससे बैंकों को नुकसान हुआ।’’


