

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने पुणे जिले के तेजी से विस्तार कर रहे चाकण औद्योगिक क्षेत्र में सड़क मरम्मत, यातायात जाम और यातायात प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। साथ ही, औद्योगिक शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के लिए एक तंत्र भी स्थापित किया गया है।





राज्य के योजना विभाग की 14 अगस्त को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार, चाकण और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की बढ़ती संख्या, भारी वाहनों की आवाजाही और आबादी में वृद्धि तथा उद्योगों के संभावित विस्तार को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उल्लेखनीय है कि कम से कम 20 कंपनियों के मालिकों ने हाल में कहा था कि चाकण महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) क्षेत्र में भारी यातायात जाम और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के कारण उन्होंने अपनी फैक्ट्रियां खंडाला स्थानांतरित करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को स्वीकार किया था कि चाकण औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से जुड़ी गंभीर समस्याएं हैं और उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार इनके समाधान के लिए काम कर रही है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, नई समिति की अध्यक्षता पुणे के जिलाधिकारी करेंगे, जबकि पिंपरी-चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्त इसके सह-अध्यक्ष होंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि चाकण और पुणे जिले में बड़े पैमाने पर नए उद्योग और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित हो रहे हैं। वहीं, विभिन्न सरकारी विभागों से जरूरी मंजूरी और अनुमति से जुड़े कई मामले लंबित हैं।
इसमें कहा गया कि समिति और जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाला शिकायत निवारण तंत्र सड़कों तथा यातायात की समन्वित योजना बनाने, बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान करने और क्षेत्र के उद्योगों को प्रभावित करने वाली लंबित प्रशासनिक शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करेगा। पुणे के निवासी उप जिलाधिकारी को समिति और शिकायत प्रकोष्ठ का सदस्य-सचिव बनाया गया है।
सरकार ने अधिसूचना जारी होने की तारीख से 10 महीने के भीतर योजना बनाने, मंजूरियां लेने, समन्वय और वास्तविक कार्यान्वयन की प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा तय की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि समिति का गठन सड़क और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया गया है तथा इसके जरिये यातायात जाम और सड़क से जुड़े मुद्दों के प्रभावी समाधान पर जोर दिया जाएगा।
