रिश्वत मामले में केवल रकम की बरामदगी दोषसिद्धि का आधार नहीं: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय

रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने रिश्वत मांगने का ठोस सबूत न होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी मुरली प्रसाद चौधरी को बरी किया, कहा केवल रकम बरामदगी से दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

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रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने करीब एक दशक पुराने रिश्वत मामले में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को बरी करते हुए कहा है कि रिश्वत मांगने का ठोस सबूत न होने पर केवल रिश्वत की रकम बरामद होने से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकल पीठ ने सूरजपुर जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के कार्यालय में तैनात लेखाकार मुरली प्रसाद चौधरी को कारावास की सजा सुनाने संबंधी अधीनस्थ अदालत के 2017 के आदेश को रद्द कर दिया।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।