रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने करीब एक दशक पुराने रिश्वत मामले में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को बरी करते हुए कहा है कि रिश्वत मांगने का ठोस सबूत न होने पर केवल रिश्वत की रकम बरामद होने से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकल पीठ ने सूरजपुर जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के कार्यालय में तैनात लेखाकार मुरली प्रसाद चौधरी को कारावास की सजा सुनाने संबंधी अधीनस्थ अदालत के 2017 के आदेश को रद्द कर दिया।


