नई दिल्ली : इटली के स्कूलों में ड्रेस और छात्रों की संरचना से जुड़े नियमों को लेकर नई घोषणा सामने आई है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि सरकार स्कूलों में चेहरा ढकने वाले परिधानों, जैसे बुर्का और नकाब, पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। साथ ही हर कक्षा में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या तय करने की भी योजना है।
मेलोनी के मुताबिक, सरकार जल्द ही कैबिनेट के सामने प्रस्ताव रखेगी। इसके तहत उन विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना जरूरी करने की योजना भी है, जिन्हें स्कूल सिस्टम में घुलने-मिलने में गंभीर दिक्कतें हो रही हैं। मेलोनी ने कहा कि अगर किसी कक्षा में एक-दो ऐसे छात्र हैं जिन्हें इतालवी भाषा समझने में परेशानी है, तो वे शिक्षक और सहपाठियों की मदद से भाषा सीखकर आसानी से घुल-मिल सकते हैं। लेकिन ऐसी स्थिति में जब भाषा नहीं समझने वाले छात्रों की संख्या काफी बढ़ जाए, तो उनके अनुसार यह प्रभावी एकीकरण के बजाय अलगाव की स्थिति बन सकती है।
इटली में प्रवासन और स्कूलों में छात्रों के एकीकरण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। रिसर्च संस्था फोंडाजियोन आईएसएमयू के आंकड़ों के अनुसार, इटली के स्कूलों में करीब 11.6% छात्र इतालवी नागरिक नहीं हैं। फिलहाल ये प्रस्तावित कदम हैं, लागू कानून नहीं। प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के बाद संसद की मंजूरी की भी जरूरत होगी।


