नई दिल्ली: कांग्रेस ने अमेरिका द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख भारतीय कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीईआरएम) से निलंबित किए जाने के बाद शुक्रवार को कहा कि भारत के पास जवाबी कदम उठाने के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ (समझौता कर चुके) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इनका इस्तेमाल नहीं करेंगे। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ‘‘धौंस जमाने वालों’’ को खुश करने के लिए समझौता करने से कोई फायदा नहीं होता।



