भारतीय लोकतंत्र पर आघात था आपातकाल : सीपी सिंह

रांची में आपातकाल के विरोध में आयोजित ‘प्रतिकार दिवस’ कार्यक्रम में विधायक सीपी सिंह शामिल हुए। उन्होंने 1975 के आपातकाल को लोकतंत्र पर काला अध्याय बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान किया।

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आपातकाल के विरोध में आयोजित प्रतिकार दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए सीपी सिंह

रांची : विधायक सीपी सिंह गुरुवार को भारतीय लोकतंत्र और राजनीति के सबसे काले अध्याय 25 जून, 1975 को लगाए गए आपातकाल के विरोध में जे.पी. विचार मंच, झारखंड प्रदेश की ओर से डिप्टी पाड़ा, कचहरी चौक में आयोजित “आपातकाल – प्रतिकार दिवस” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित सम्मानित जनों के बीच उस काले अध्याय को स्मरण करते हुए अपने विचार और अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर एक ऐसा आघात था, जिसने देशवासियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर दिया। लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान को राष्ट्र सदैव स्मरण करेगा। आज का दिन हमें लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा एवं नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के प्रति सदैव सजग रहने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर पूर्व सांसद यदुनाथ पाण्डेय, सत्येन्द्र मलिक, प्रमोद मिश्रा, उषा पाण्डेय, मनोज कुमार सिन्हा, फुलचंद, अखौरी प्रमोद बिहारी, अशोक कुमार गुप्ता, शशांक शेखर सहाय, नवेन्दु कुमार, हितेन्द्र कुमार, शंकर कुमार, प्रशांत नारायण, प्रो. आर. ए. के. वर्मा, पंकज सिंह, लखन गुप्ता, उपेन्द्र कुमार सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।