

जमशेदपुर: दलमा वन्यजीव आश्रयणी में नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माण को लेकर अब कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी ने झारखंड सरकार को दलमा वन्यजीव आश्रयणी के अंदर आवश्यक स्वीकृति के बिना किए गए निर्माण को हटाने का निर्देश दिया है। बताया गया है कि इको-सेंसिटिव क्षेत्र में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए बिना बनाए गए पर्यटन कॉटेज भी कार्रवाई के दायरे में हैं। दलमा में बनाए गए इन इको कॉटेज के निर्माण पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि निर्माण में सरकारी राशि खर्च की गई और इन्हें वन विभाग की ओर से तैयार कराया गया था।





कमेटी ने सिर्फ निर्माण हटाने का निर्देश ही नहीं दिया, बल्कि बिना आवश्यक अनुमति निर्माण की मंजूरी देने या उसे होने देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर जवाबदेही तय करने को भी कहा है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कमेटी के निर्देश से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की। आदेश सामने आने के बाद दलमा में पर्यटन विकास के नाम पर हुए निर्माण और अनुमति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
