

रांची: झारखंड में सीजीएल (CGL) नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही सीआईडी (CID) की पड़ताल में रोज नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसी ने एक और नए सिंडिकेट का खुलासा किया है, जिसके जरिए गलत और अवैध तरीकों से 20 से भी अधिक अभ्यर्थियों की विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति कराई गई है। इस फर्जीवाड़े का जाल सिर्फ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसियों वेबल, बिजिटेक और आउटसोर्सिंग कंपनी एज्ञान के कर्मियों की संदिग्ध भूमिका भी सामने आ रही है। तकनीकी कामकाज संभालने वाली इन कंपनियों की मिलीभगत से परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली किए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद सीआईडी अब अपनी जांच का दायरा इन एजेंसियों के कामकाज पर केंद्रित कर रही है।





मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सीआईडी ने हाल ही में दिल्ली से दो आरोपियों सोमेश कुमार और राहुल प्रकाश, को गिरफ्तार किया था। पूर्व में मिली पांच दिनों की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद बुधवार को अदालत ने दोनों की रिमांड अवधि तीन दिनों के लिए और बढ़ा दी है। इस दौरान सीआईडी की टीम रांची और राज्य के अन्य जिलों से बुलाए गए 20 से अधिक अभ्यर्थियों के साथ आरोपियों का आमना-सामना कराकर पूछताछ कर रही है। पिछले दो दिनों में ही 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है। पूछताछ के दौरान एक अभ्यर्थी ने खुलासा किया कि कुंदन कुमार नाम के व्यक्ति ने उसे इस नए सिंडिकेट से मिलवाया था, जिसके बाद उसने अपने भाई समेत 20 अन्य लोगों को भी नौकरी दिलाने में मदद की।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले के तार एक अन्य बड़े सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं, हालांकि दोनों गिरोहों के आपसी संबंधों की पुष्टि के लिए सीआईडी सबूत जुटा रही है। अब तक की कार्रवाई में सीआईडी इस परीक्षा घोटाले के संबंध में 200 से अधिक संदिग्धों और अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है, जबकि 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं दूसरी ओर, इस धांधली से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते की जमानत याचिका पर विशेष न्यायाधीश की अदालत ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभय तिवारी की ओर से भी बहस पूरी कर ली गई है। फिलहाल सीआईडी परीक्षा लेने वाली टीपीएल एजेंसी के अभय तिवारी और उससे जुड़े अन्य लोगों के बीच हुए पैसों के लेनदेन और मनी ट्रेल को खंगालने में जुटी हुई है।
