
नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने छत्तीसगढ़ के विजय सेंट्रल कोयला ब्लॉक के आवंटन में हुईं कथित अनियमितताओं से संबंधित मामले में एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय के भाई समेत चार अन्य लोगों को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश सुनेना शर्मा ने मैसर्स एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड, इसके निदेशक अनिल गुप्ता, संयुक्त प्रबंध निदेशक दीपक गुप्ता, प्रबंधक अमृत सिंह और नामित निदेशक सुधीर कुमार सहाय को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों से यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ आरोप साबित करने में विफल रहा।

