नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्र सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें प्रादेशिक सेना में अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिक संख्या में, जबकि महिलाओं के लिए केवल एक सीट आरक्षित करने की “प्रथा” को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कुश कालरा की ओर से दायर याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया।

याचिका में कहा गया है कि अधिकारियों ने 2022 से 2026 तक प्रत्येक भर्ती चक्र में पुरुष उम्मीदवारों के लिए 12 से 18 पद, जबकि महिला उम्मीदवारों के लिए केवल एक पद आरक्षित करने की प्रथा जारी रखी। इसमें प्रादेशिक सेना में अधिकारियों की भर्ती में पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिक संख्या में पद आरक्षित करने और महिला उम्मीदवारों को सिर्फ एक पद तक सीमित रखने को संविधान का उल्लंघन घोषित करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।


