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अग्निपथ योजना को शिक्षित युवाओं के लिए मनरेगा बताते हुए RJD नेता तेजस्वी यादव ने सरकार से पूछे 20 सवाल

अग्निपथ योजना की वापसी और युवाओं को नौकरी देने की मांग को लेकर 22 जून को महागठबंधन के सभी विधायक पटना में विधानसभा से लेकर राजभवन तक पैदल मार्च करेंगे

नई दिल्ली: RJD नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अग्निपथ योजना को लेकर भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए 20 सवाल पूछे हैं।

दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इस सरकार की बिना सोचे-समझे लाई गई योजनाएं टेक-ऑफ से पहले ही क्रैश हो जाती है लेकिन भाजपा के लोग आखिरी दम तक इनका हिप-हिप-र्हुे करते रहते हैं और बाद में माफी मांग लेते हैं।

अग्निपथ योजना की वापसी और युवाओं को नौकरी देने की मांग को लेकर 22 जून को महागठबंधन के सभी विधायक पटना में विधानसभा से लेकर राजभवन तक पैदल मार्च करेंगे।

पिछले 3-4 दिनों से देश के कई राज्यों में जारी हंगामे और हिंसा का जिक्र करते हुए बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर 20 सवाल दागते हुए पूछा, सरकार बताएं कि क्या यह योजना शिक्षित युवाओं के लिए तैयार की गई मनरेगा है या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हिडेन एजेंडा हैं?

तेजस्वी ने कहा कि देश के 60 प्रतिशत युवाओं में अग्निपथ योजना को लेकर कई संशय और सवाल है , जिनका जवाब केंद्र सरकार को जरूर देना चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार (Central government) से इस मसले पर संवेदनशील होने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं के साथ यह अग्नि भरा 4 वर्ष का मजाक बंद कर माफी मांगनी चाहिए क्योंकि पेट की भूख से बड़ी कोई आग नहीं होती है।

प्रधानमंत्री को सुननी चाहिए युवाओं की बात

केंद्र सरकार और भाजपा पर हमला जारी रखते हुए आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि वन रैंक वन पेंशन की बजाय नो रैंक नो पेंशन ला दिया गया और अगर भाजपा को ठेकेदारी प्रथा इतनी ही पसंद है तो भाजपा के मंत्री अपने बच्चों को सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिलवा दें।

अग्निवीरों को मिलने वाली कैंटीन एवं चिकित्सा सुविधा, पेंशन-ग्रेज्युटी, छुट्टियों सहित 20 सवालों की झड़ी लगाते हुए तेजस्वी ने कहा कि , क्या बेरोजगारी (Unemployment) से उत्पन्न हिंसा और अराजकता की दोषी सरकार नहीं है। उन्होंने कहा कि , हिंसा से कुछ हासिल नहीं होने वाला है लेकिन प्रधानमंत्री को युवाओं की बात सुननी चाहिए।

RJD नेता ने देश के युवाओं से हिंसा (violence) छोड़कर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील करते हुए भारत सरकार से भी इस योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की है।