एमएलसी चुनाव में हार की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाएगी कांग्रेस : मुख्यमंत्री शिवकुमार

कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों पर हार के बाद डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के प्रदर्शन की समीक्षा करने और संगठन मजबूत करने की बात कही। भाजपा और जेडीएस ने सभी सीटें जीतीं।

Archana Ekka
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बेंगलुरु : कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस विधान परिषद की चार सीटों के चुनाव में जनता के फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करेगी। उन्होंने माना कि पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली और नतीजों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस को दो सीटें जीतने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के संदेश का विश्लेषण करेगी और सुधारात्मक कदम उठाएगी।

कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका लगा है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) ने सभी चार सीट जीत लीं। भाजपा ने तीन सीट बरकरार रखीं, जबकि जद (एस) ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस को हराकर यह सीट अपने नाम कर ली। भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों को हराकर जीत दर्ज की। शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मतदाताओं ने हमें एक संदेश दिया है। हम इसकी पूरी तरह से समीक्षा करेंगे, यह पता लगाएंगे कि कहां चूक हुई और उन्हें सुधारने के लिए कदम उठाएंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पार्टी को मिले वोटों से संतुष्ट हैं, हालांकि बेंगलुरु सीट पर हार उनके लिए अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद नहीं थी कि बेंगलुरु सीट हमारे हाथ से निकल जाएगी। हम इसकी समीक्षा करेंगे कि वहां क्या हुआ।’’ मुख्यमंत्री ने नतीजों को भविष्य के चुनावी परिणामों का संकेत बताने को लेकर भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और जद (एस) कह रहे हैं कि ये नतीजे भविष्य के चुनावों के संकेत हैं। लेकिन वे चन्नपटना और शिग्गांव (विधानसभा उपचुनावों के नतीजों, जिनमें कांग्रेस ने जीत हासिल की) के बारे में क्या जवाब देंगे? क्या वे नतीजे भविष्य के चुनावों के संकेत नहीं थे? इस बात को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।’’

शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस इन नतीजों से सबक लेगी और अपने संगठन को मजबूत करने तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को भविष्य के चुनावी मुकाबलों के लिए तैयार करने की दिशा में काम करेगी। चुनाव में मतपत्रों के इस्तेमाल पर शिवकुमार ने कहा, ‘‘बेशक, हमें मतपत्रों की जरूरत है। कई मुद्दे हैं। एक नवंबर के बाद हमारी पार्टी नई कार्ययोजना के साथ सामने आएगी।’’ वह भाजपा की उस आलोचना से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उसने चुनाव में मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था। कांग्रेस ने चुनाव में हार के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर सवाल उठाते हुए मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग की है। भाजपा ने यह भी कहा कि विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के चुनाव मतपत्रों से कराए गए थे।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।