
- सरकार छात्रों की मांगों पर शीघ्र निर्णय ले, नहीं तो आंदोलन बनेगा जनआंदोलन : डॉ. राजाराम महतो
रांची, 13 अगस्त 2026: झारखंड में छात्र हित से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी आंदोलन के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. राजाराम महतो आज रांची के सदर अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने आमरण अनशन के कारण अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉ. महतो ने अनशनरत छात्र नेता से बातचीत कर उनके आंदोलन और छात्रों की मांगों के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
मुलाकात के दौरान डॉ. राजाराम महतो ने कहा कि झारखंड के छात्र अपने अधिकारों और जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों की भावनाओं और उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए बिना किसी देरी के सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्र किसी भी राज्य की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य होते हैं। यदि युवा वर्ग अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरने और आमरण अनशन जैसे कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर हो रहा है, तो यह सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को आंदोलन को नजरअंदाज करने के बजाय छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल संवाद स्थापित कर समाधान का रास्ता निकालना चाहिए।
डॉ. राजाराम महतो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों की मांगों को यथाशीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वर्तमान छात्र आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक स्वरूप ले सकता है और पूरे झारखंड में जनआंदोलन का रूप धारण कर सकता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आंदोलनरत छात्रों की बात सुने और उनकी समस्याओं का सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसी भी अप्रिय परिस्थिति की नौबत आने से पहले छात्रों के साथ वार्ता कर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए।
सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो से मुलाकात के दौरान डॉ. राजाराम महतो ने उनके स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आमरण अनशन किसी भी व्यक्ति के लिए गंभीर शारीरिक चुनौती है। ऐसे में सरकार को मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
डॉ. राजाराम महतो ने कहा कि “छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। सरकार अगर समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो आंदोलन का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से संभव है, लेकिन अगर लगातार उपेक्षा की गई तो यही आंदोलन पूरे राज्य के युवाओं की आवाज बन सकता है।”
डॉ. राजाराम महतो की सदर अस्पताल पहुंचकर आमरण अनशन पर भर्ती छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो से मुलाकात को छात्र आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। उनकी इस पहल से आंदोलनरत छात्रों को राजनीतिक समर्थन मिलने का संदेश गया है। अब निगाहें सरकार की अगली पहल और छात्रों की मांगों पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

