रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत 63 लाख से अधिक मतदाताओं को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के एक बड़े फैसले से बड़ी राहत मिली है। अब मतदाताओं को कागजात जमा करने या सुनवाई के लिए ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) या एईआरओ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) स्वयं मतदाताओं के घर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज लेंगे और उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने रविवार को सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि सामान्य मामलों में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी। सुनवाई पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। असाधारण परिस्थितियों या जटिल मामलों में ही केवल बहुत जरूरी होने पर कागजी सुनवाई का विकल्प चुना जाएगा। यदि ऑनलाइन सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से जुड़ना संभव न हो, तो मतदाता अपने स्थान पर परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को अधिकृत कर सकते हैं। इसके अलावा, दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं की मदद के लिए जिला स्तर पर डेडिकेटेड सपोर्ट सिस्टम और हेल्पडेस्क टीम गठित की गई है।
बैठक के दौरान बेघर लोगों, श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी अयोग्य या गैर-भारतीय नागरिक का नाम सूची में दर्ज न होने पाए।
दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए अब केवल तीन दिन शेष
झारखंड में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावा-आपत्ति दर्ज कराने का समय अब अंतिम चरण में है। इसके लिए अब केवल तीन दिन का समय शेष बचा है। दावा-आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है, जिसके बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
झारखंड में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावा-आपत्ति दर्ज कराने का समय अब अंतिम चरण में है। इसके लिए अब केवल तीन दिन का समय शेष बचा है। दावा-आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है, जिसके बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।


