ईडी ने तृणमूल सांसद से जुड़े उर्दू दैनिक ‘अखबार-ए-मशरिक’ के खिलाफ जांच के सिलसिले में छापे मारे

ईडी ने टीएमसी सांसद नदीमुल हक से जुड़े उर्दू अखबार अखबार-ए-मशरिक के खिलाफ कथित सांप्रदायिक वैमनस्य, अवैध फंडिंग और बेहिसाब नकद लेन-देन मामले में कई ठिकानों पर छापे मारे।

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कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक द्वारा प्रचारित एक उर्दू दैनिक अखबार के खिलाफ जांच के सिलसिले में सोमवार को कोलकाता, दिल्ली और रांची में कई ठिकानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हक उस कंपनी के निदेशक हैं, जो ‘अखबार-ए-मशरिक’ नामक उर्दू दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन करती है। आरोप है कि इस उर्दू दैनिक अखबार और इसके प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर सांप्रदायिक वैमनस्य (communal disharmony) बढ़ाने वाली सामग्री का प्रकाशन व प्रसार किया गया। इसके अलावा, संदिग्ध स्रोतों से अवैध फंड के लेन-देन और बेहिसाब कैश डीलिंग के वित्तीय आरोप भी इस मामले में शामिल हैं। ED की कोलकाता जोनल ऑफिस की टीमों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस के समन्वय के साथ सांसद नदीमुल हक के आवास, ‘अखबार-ए-मशरीक प्राइवेट लिमिटेड’ के दफ्तर और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर एक साथ रेड की। कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार के दफ्तर पर भी सुरक्षा घेरा बनाकर जांच की जा रही है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।