
रांची : कथित शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के पुत्र रोहित उरांव सोमवार को निर्धारित समय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। ईडी अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनसे पूछताछ शुरू कर दी। माना जा रहा है कि पूछताछ का केंद्र बिंदु योगेंद्र तिवारी से जुड़े कथित शराब घोटाले और उससे संबंधित वित्तीय लेनदेन होगा। वहीं, इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को भी सात जुलाई को पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, ईडी ने रोहित उरांव को दूसरा समन जारी किया था। इससे पहले भेजे गए समन के बाद वे पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने दोबारा समन जारी कर छह जुलाई को रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय पर ईडी कार्यालय पहुंचने के बाद उनकी उपस्थिति दर्ज की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच कथित शराब घोटाले में सामने आए आर्थिक लेनदेन, बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों और विभिन्न व्यक्तियों के बीच संभावित वित्तीय संबंधों पर केंद्रित है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जांच के दायरे में आए लोगों के बीच किसी प्रकार का आर्थिक या कारोबारी संबंध था या नहीं। इसी कड़ी में रोहित उरांव से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी ली जा रही है। ईडी इससे पहले भी योगेंद्र तिवारी से जुड़े मामलों में कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर कुछ नए तथ्य सामने आए हैं, जिनके सत्यापन के लिए संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। रोहित उरांव को जारी किया गया समन भी इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को सात जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक रामेश्वर उरांव या उनके परिवार की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि वे भी निर्धारित तिथि पर ईडी कार्यालय पहुंचकर जांच में सहयोग करेंगे। राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। झारखंड की राजनीति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रामेश्वर उरांव का नाम सामने आने के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो सकता है। हालांकि, ईडी ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ जांच प्रक्रिया का नियमित हिस्सा है और एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि ईडी द्वारा समन जारी किए जाने का अर्थ किसी व्यक्ति का दोषी होना नहीं है। जांच एजेंसी संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और वित्तीय गतिविधियों की पुष्टि के लिए पूछताछ करती है। जांच पूरी होने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाती है। फिलहाल ईडी कार्यालय में रोहित उरांव से पूछताछ जारी है। एजेंसी की ओर से पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। वहीं, सात जुलाई को रामेश्वर उरांव की प्रस्तावित पेशी पर भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईडी की जांच में आगे क्या नए तथ्य सामने आते हैं और एजेंसी इस मामले में क्या अगला कदम उठाती है।

