
Disproportionate Assets Case: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निलंबित IAS अधिकारी और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय चौबे की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम उनसे आज से अगले चार दिनों तक पूछताछ करेगी। यह पूछताछ आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोपों को लेकर की जाएगी।
हजारीबाग जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी
जानकारी के अनुसार 27 जनवरी को ED ने विनय चौबे को रिमांड पर लिया था। उस समय वे हजारीबाग जेल में बंद थे।
उन्हें Video Conferencing के माध्यम से ED की विशेष अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ के लिए ED को रिमांड की अनुमति दी थी।
परिवार और सहयोगियों पर भी आरोप
इस मामले में सिर्फ विनय चौबे ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है।
आरोपियों में उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर सत्येंद्रनाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, शिपिज की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी, सहयोगी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह शामिल हैं।
जांच में क्या सामने आया
जांच के दौरान ED ने बैंक Statement , वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए थे।
इन जांच तथ्यों के आधार पर एजेंसी का दावा है कि विनय चौबे ने प्रथम श्रेणी के लोक सेवक पद पर रहते हुए अवैध संसाधनों और कमीशन के जरिए बड़ी मात्रा में धन एकत्र किया।
24 नवंबर को दर्ज हुआ था केस
बताया गया है कि 24 नवंबर को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ED थाने में विनय चौबे समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
इसके बाद लगातार जांच आगे बढ़ती गई और अब रिमांड के दौरान विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
ED अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। इस मामले पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी नजर बनी हुई है।

