देवघर कोषागार से अवैध निकासी का मामला
यह मामला पशु चारे के नाम पर देवघर कोषागार से सरकारी राशि की कथित अवैध निकासी से जुड़ा है। मामले में दर्ज आरसी-64/1996 के अनुसार, वर्ष 1990 से 1994 के बीच करीब 89.27 लाख रुपये की अवैध निकासी हुई थी। जांच के बाद इस मामले में लालू प्रसाद यादव को भी दोषी ठहराया गया था।
साढ़े तीन साल की सजा को दी है चुनौती
सीबीआई की विशेष अदालत ने देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार देते हुए साढ़े तीन साल की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसी फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
मंगलवार की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मामले के इतिहास और कानूनी पहलुओं पर अपनी दलीलें रखनी शुरू कीं। बहस पूरी नहीं होने के कारण सुनवाई आगे के लिए टाल दी गई।
सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई का किया था अनुरोध
लालू प्रसाद यादव की अपीलों की सुनवाई में तेजी लाने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी उठा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित याचिका का निपटारा करते हुए झारखंड हाईकोर्ट से अपीलों पर तेजी से सुनवाई करने का अनुरोध किया था। शीर्ष अदालत ने संभव होने पर छह महीने के भीतर अपीलों का निपटारा करने की बात कही थी।
28 अक्टूबर को आगे बढ़ेगी सुनवाई
देवघर कोषागार मामले में फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट ने कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी, जिसमें लालू प्रसाद यादव की ओर से बचाव पक्ष की दलीलें आगे रखी जाएंगी। मामले में अदालत के अंतिम निर्णय पर सबकी निगाहें टिकी हैं।


