
रांची : झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का मंगलवार की सुबह रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। बताते चलें कि फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में थे। अधिवक्ता अभय कुमार भट्ट ने इसकी पुष्टि की है। उनके निधन की खबर सामने आते ही धनबाद समेत पूरे झारखंड और बिहार कांग्रेस में शोक की लहर फैल गई। मन्नान मल्लिक कांग्रेस के अनुभवी नेताओं में शामिल थे। उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति की और जनसेवा के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन पर कांग्रेस के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
दरअसल, धनबाद के बहुचर्चित मट कुरिया गोलीकांड मामले में शुक्रवार को अदालत ने पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक, उनके पुत्र समेत कई अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, उस समय मन्नान मल्लिक रांची के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इसी वजह से उनकी ओर से जमानत याचिका दाखिल नहीं की जा सकी, जिसके चलते वे न्यायिक हिरासत में थे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पहले रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय लाया जाएगा। इसके बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पार्थिव शरीर को झारखंड विधानसभा भी ले जाया जाएगा। वहीं, देर रात तक उनका पार्थिव शरीर धनबाद पहुंचने की संभावना है।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जताया दुख
राज्य की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पार्टी के मजबूत स्तंभ मन्नान मल्लिक का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि उनका जाना कांग्रेस परिवार के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन के लिए भी अपूरणीय क्षति है। शिल्पी नेहा तिर्की ने अपने संदेश में कहा कि मन्नान मल्लिक ने हमेशा समाज और आम लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी। जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार, शुभचिंतकों तथा समर्थकों को इस कठिन समय में संबल देने की कामना की। मन्नान मल्लिक के निधन से उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी गहरा शोक है। उन्हें एक सरल, मिलनसार और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने वाले नेता के रूप में याद किया जा रहा है।

