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सिकंदराबाद में पुलिस फायरिंग में मारे गए युवक का अंतिम संस्कार जारी

राकेश का अंतिम संस्कार दिन में बाद में दबीरपेट गांव में किया जाएगा। किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं

हैदराबाद: तेलंगाना के वारंगल जिले में शुक्रवार को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन (Secunderabad Railway Station) पर पुलिस फायरिंग में मारे गए युवक का अंतिम संस्कार बंद और विरोध के बीच जारी है।

वारंगल के एमजीएम अस्पताल से नरसंपेट तक चले जुलूस में सैकड़ों लोग शामिल हुए।

सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता और कार्यकर्ता एम. राकेश (22) को श्रद्धांजलि देने के लिए रैली में भाग लिया।

राकेश उस समय मारे गए थे जब सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे पुलिस (Railway Police) ने गोलीबारी की थी।

जुलूस में राज्य के मंत्री ई. दयाकर राव, सत्यवती राठौड़, सांसद एम. कविता, विधायक विनय भास्कर, पी. सुदर्शन रेड्डी और अन्य टीआरएस नेता शामिल हुए।

रेलवे पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में युवक की हुई थी मौत

वारंगल के पोचम मैदान इलाके में रास्ते में हल्का तनाव था, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीएसएनएल कार्यालय पर हमला किया और खिड़की के शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए।

केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने कार्यालय बोर्ड और फ्लेक्सिस में आग लगा दी।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस हरकत में आई और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया।

टीआरएस के आह्वान पर नरसंपेट विधानसभा क्षेत्र में बंद रहा। निर्वाचन क्षेत्र में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद रहे।

राकेश का अंतिम संस्कार दिन में बाद में दबीरपेट गांव में किया जाएगा। किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं।

केंद्र सरकार की सेना भर्ती योजना अग्निपथ के खिलाफ शुक्रवार को सिकंदराबाद स्टेशन पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं में सेना में नौकरी के इच्छुक राकेश भी शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की, ट्रेनों में आग लगा दी, पार्सल सामान और स्टेशन और स्टालों में तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेलवे पुलिस द्वारा की गई फायरिंग (Firing) में युवक की मौत हो गई।

 राकेश के निधन पर के. चंद्रशेखर राव ने गहरा दुख व्यक्त किया

खेत मजदूर कुमारा स्वामी और पूलम्मा के बेटे राकेश का सेना में शामिल होने का सपना था। उनके परिवार के अनुसार, उनकी बड़ी बहन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सेवारत हैं।

राकेश ने हनमकोंडा स्थित एक संस्थान में कोचिंग ली और शारीरिक परीक्षण पास किया। वह लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहा था और बार-बार परीक्षा स्थगित होने से परेशान था।

केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद, कई अन्य लोगों की तरह, उन्हें लगा कि उनके सपने चकनाचूर हो गए हैं।

तेलंगाना सरकार ने शुक्रवार देर रात राकेश के परिवार के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने राकेश के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

उन्होंने युवक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पिछड़े वर्ग के एक बेटे की जान चली गई।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राकेश के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता के अनुसार 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के अलावा एक सरकारी नौकरी (Government Job) प्रदान की जाएगी।