गढ़वा में बदहाल एंबुलेंस व्यवस्था, आपात स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

गढ़वा में खराब एंबुलेंस व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई, कई वाहन निष्क्रिय या सीमित दूरी तक चलने योग्य, मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में हो रही भारी दिक्कत।

Neeral Prakash
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

गढ़वा: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां एंबुलेंस व्यवस्था लगभग चरमराती नजर आ रही है। जिले में मौजूद 27 एंबुलेंस में से बड़ी संख्या खराब है या सीमित दूरी तक ही चल पाने की स्थिति में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 एंबुलेंस पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुकी हैं। इनमें रंका, डंडई, कांडी, धुरकी, रमकंडा और भवनाथपुर की एक-एक एंबुलेंस, जबकि सदर क्षेत्र की चार एंबुलेंस शामिल हैं।

इसके अलावा 7 एंबुलेंस ऐसी हैं जो तकनीकी खराबी के बावजूद किसी तरह 20 से 30 किलोमीटर तक ही सेवा दे पा रही हैं। इनमें कांडी, रंका, रमना, नगर, मेराल, सदर गढ़वा और मझिआंव क्षेत्र शामिल हैं। वहीं करीब 8 एंबुलेंस सिर्फ स्थानीय स्तर पर सीमित उपयोग में लाई जा रही हैं, जिनमें मझिआंव, बरडीहा, रंका, रमकंडा, चीनिया, नगर और भवनाथपुर शामिल हैं।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2 एंबुलेंस पिछले दो वर्षों से दुर्घटनाग्रस्त हालत में पड़ी हैं, जिनकी अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। ये एंबुलेंस सदर गढ़वा और भंडारीया क्षेत्र की हैं।

एंबुलेंस व्यवस्था की इस बदहाली का सीधा असर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार और खराब एंबुलेंस की शीघ्र मरम्मत की मांग की है।

Share This Article
नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।