झारखंड सरकार के पास नहीं है वायु प्रदूषण से होने वाली मौत का आंकड़ा

News Aroma Media
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रांची: झारखंड सरकार के पास वायु प्रदूषण से होने वाली मौत का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

विधायक बंधु तिर्की ने विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के जरिए सरकार से जानना चाहा था कि बीमारियों के बाद वायु प्रदूषण की वजह से कितनी मौते होती हैं।

इसके लिए उन्होंने 2017 के भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़े का जिक्र किया था।

जवाब में प्रभारी मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि सरकार के पास इससे जुड़ा आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

तिर्की ने कहा कि क्या यह बात सही है कि झारखंड के नौ स्थानों पर वायु गुणवत्ता की मॉनिटरिंग हो रही है और ग्रीन पीस ने झारखंड के शहरों की हवा को प्रदूषित बताया है।

जवाब में प्रभारी मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड में 13 जगहों पर वायु गुणवत्ता की मॉनिटरिंग की व्यवस्था है।

उस आधार पर अभी तक कहीं से भी यह बात सामने नहीं आई है कि झारखंड के किसी शहर में वायु प्रदूषण परमीसिबल लिमिट से ज्यादा है।

वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई: दीपिका पांडेय सिंह

कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कटौती प्रस्ताव के विरोध में दिए गए उनके बयान का वीडियो विधानसभा के वर्तमान यूट्यूब चैनल पर नहीं दिखने की बात सदन में उठाई है।

उन्होंने कहा कि उनके वीडियो के साथ छेड़छाड़ किया गया है। स्पीकर ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। दीपिका ने कहा है कि कटौती प्रस्ताव का विरोध करते हुए सरकार के पक्ष में उन्होंने जो वक्तव्य दिया था।

वह वीडियो झारखंड विधानसभा के यू-ट्यूब चैनल पर नहीं है।

उन्होंने अध्यक्ष से आग्रह किया है कि वीडियो क्लिप गायब करनेवाले लोगों को चिह्नित किया जाए और वीडियाे उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

उनका यह वक्तव्य 18 मार्च को पेश किए गए कटौती प्रस्ताव के विरोध में आया था।

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