
रांची : राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में दो सप्ताह से अधिक समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के सोमवार को प्रस्तावित ‘विधानसभा मार्च’ को देखते हुए राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विधानसभा भवन के आसपास निषेधाज्ञा लागू करने के साथ ही शहर के प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। छात्रों का आंदोलन 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इनमें से छह छात्र कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है।
रांची के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा कि छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को मार्च में शामिल होने से रोकें। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने से किसी छात्र के करियर पर दाग लगे।” उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
जमशेदपुर में भी निषेधाज्ञा
रांची में प्रस्तावित छात्र मार्च को देखते हुए जमशेदपुर में भी रविवार आधी रात से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी तरह के आक्रामक प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा या किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होने की चेतावनी भी दी है।

