नयी दिल्ली : भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र में 2021 से अबतक 173 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धताएं मिली हैं और प्रौद्योगिकी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच निवेशक इस क्षेत्र की भविष्य की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी सीबीआरई ने यह जानकारी दी। सीबीआरई ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट ‘बियॉन्ड ग्रोथ: इंडियाज राइज अमंग एपीएसी लीडिंग डेटा सेंटर मार्केट्स’ में कहा कि भारत के डेटा सेंटर बाजार में 2026 की पहली छमाही में करीब 130 मेगावाट नयी क्षमता जुड़ी, जबकि साल की दूसरी छमाही में 200 मेगावाट से अधिक क्षमता के चालू होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘जनवरी-जून, 2026 के दौरान भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र में करीब 38 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता की गई, जिससे 2021 से कुल निवेश प्रतिबद्धता करीब 173 अरब डॉलर हो गई।’’ डेटा सेंटर क्षेत्र में की गई कुल निवेश प्रतिबद्धताओं में 2021 से 2026 की पहली छमाही तक हाइपरस्केल और को-लोकेशन निवेश की हिस्सेदारी करीब 62 प्रतिशत रही। सीबीआरई ने कहा कि यह लगातार बनी तेजी निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है। इसका कारण क्लाउड सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल, कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़ी मांग और डिजिटलीकरण से जुड़ी पहल हैं।
कंपनी ने कहा, ‘‘इन निवेश प्रतिबद्धताओं का पैमाना क्षमता में लगातार विस्तार की ओर इशारा करता है, जिससे क्षेत्र के प्रमुख डेटा सेंटर बाजार के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।’’ सीबीआरई में भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुमान मैगजीन ने कहा कि भारत का डेटा सेंटर क्षेत्र ऐसे दौर में तेजी से विस्तार कर रहा है, जिसकी गति का क्षेत्र के कुछ ही बाजार मुकाबला कर सकते हैं।


