रांची : राजधानी के दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में मंगलवार को आश्विन कृष्णपक्ष की पुण्यवती इन्दिरा एकादशी के पावन अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। इस दिन अनादि ब्रह्म परमात्मा श्रीवेंकटाचलवासी में आस्था, भक्ति , श्रद्धा और विश्वास के साथ सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुये वैदिक,धार्मिक अनुष्ठानों को सुसंपन्न किया गया। अनुष्ठान के सभी कार्यक्रम पाञ्चरात्र आगम विधि से किए गए। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में भगवान् का विश्वरूप दर्शन के बाद सुप्रभातम्,करावलमबम् मंगलाशासनम् वेंकटेश स्तोत्रम् आदि अनेकों विधि से मंगल गान किया गया। फिर दिक्पाल देवताओं का दिक्बन्धन क्रिया के द्वारा पूजन कर षोडषोपचार पूर्वक भगवदाराधनम् हुआ । इसके बाद अज्ञानान्धकार का विनाशक और ज्ञान मार्ग का प्रकाशक नक्षत्र आरती, ज्योतिष्पुंज प्रकाश से प्रकाशित अमृत कलश आरती और तीसरे चक्र में कर्पूर की बाती से आरती की गयी और फलाहारी व्यञ्जनों का बालभोग निवेदन करके सुश्राव्य वेदध्वनियों, उपनिषद एवं देशिक स्तोत्राणि के स्तोत्रों से महास्तुति हुयी। प्रातः के पूजनोपचार के बाद तमाम दर्शनार्थियों के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर गोपुरम का कपाट खोल गया।

पट खुलते के साथ ही श्रीनिवासा गोविंदा श्रीवेंकटेशा गोविंदा वेंकटरमना गोविंदा गान स्वर से दिशाएं गुंजित हो उठा। श्रद्धालुओं ने प्रार्थी लोगों के अभीष्ट पूर्ण करने वाले परमात्मा श्रीवेंकटेश्वर और महारानी महालक्ष्मी जी का स्टोत्तर शतनाम से अर्चना एवं श्रीविष्णु सहस्त्रनाम की अर्चना निरंतर कराते रहें । सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य और नारायण दास ने भगवान् श्रीमन्नारायण की त्रिकाल सेवा को रात्रि शयन आरती के पश्चात् मंगल प्रार्थना के साथ सुसंपन्न कराया। इस अवसर पर राम अवतार नारसरिया, प्रदीप नारसरिया, रंजन सिंह, सुशील गरोदिया, शंभू नाथ पोद्दार, प्रभास मित्तल, राजकुमार मित्तल, सुशील लोहिया, मुरारी लाल शर्मा, यशोदा देवी, सीता शर्मा, बबीता देवी और बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।


