डिजिटल प्रणाली से एमएसएमई के 60 लाख करोड़ रुपये के कर्ज अंतर को पाटने में मदद मिल सकती है: रिपोर्ट

भारत के एमएसएमई क्षेत्र में 60 लाख करोड़ रुपये का औपचारिक कर्ज अंतर है। डिजिटल प्रणाली से कारोबार, बैंक और वित्तदाता जुड़कर ऋण पहुंच और उत्पादकता बढ़ा सकते हैं।

1 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

मुंबई: भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में औपचारिक कर्ज का करीब 60 लाख करोड़ रुपये का अंतर है। मौजूदा संस्थागत माध्यम छोटे उद्यमों की कर्ज की मांग का केवल 30-40 प्रतिशत ही पूरा कर पाते हैं। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई। रिपोर्ट में साथ ही कहा गया कि कारोबार, बैंकों, वित्तदाताओं, भुगतान सेवा प्रदाताओं और सार्वजनिक प्रणालियों समेत प्रमुख आर्थिक हितधारकों को निर्बाध रूप से जोड़ने वाली एक केंद्रीकृत एवं परस्पर संचालनीय डिजिटल प्रणाली एमएसएमई के कर्ज अंतर को पाटने में मदद कर सकती है। इससे देश के औपचारिक कारोबारी क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।