

नयी दिल्ली : भारत के प्राथमिकता वाले 26 बाजारों में चावल का निर्यात 2025 के भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (बीआईआरसी) के बाद के पांच महीनों में पिछले तीन वर्ष के औसत से अधिक रहा। इससे संकेत मिलता है कि स्थानीय खान-पान के अनुरूप भारतीय चावल की किस्मों को बढ़ावा देने की रणनीति से विदेशों में मांग के विविधीकरण में मदद मिल सकती है।





भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) द्वारा वाणिज्यिक आसूचना एवं सांख्यिकी महानिदेशालय के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 26 बाजारों को मिलाकर चावल का निर्यात 23,476 करोड़ रुपये और 47.9 लाख टन रहा। इसमें बासमती और गैर-बासमती दोनों तरह के चावल शामिल हैं।
