भारतीय रेल का कारनामा : यात्रियों से सुपरफास्ट चार्ज के नाम पर 168 करोड़ रुपये अवैध रुप से वसूले

CAG रिपोर्ट में रेलवे पर बड़ा खुलासा हुआ है। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 के बीच गैर-सुपरफास्ट ट्रेनों से सुपरफास्ट सरचार्ज के नाम पर 168 करोड़ रुपये वसूले गए।

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नई दिल्ली : भारतीय रेल (Indian Railways) के ऐसे कारनामे को देश के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक Comptroller and Auditor General ने पकड़ा है, जिसे आम लोग पकड़ नहीं पाते। सीएजी (CAG) ने अपने रिपोर्ट में खुलासा किया है कि रेलवे ने निरीह यात्रियों से ‘सुपरफास्ट सरचार्ज’ के रूप में एक साल में 168 करोड़ रुपये की अवैध वसूली (Irregular levy) कर ली। यह वसूली अवैध इसलिए क्योंकि जिन ट्रेनों के लिए यह चार्ज वसूला गया, वह ‘सुपरफास्ट’ की श्रेणी में आती ही नहीं है।

संसद के बीते सत्र में पेश सीएजी की रिपोर्ट (CAG Report) के अनुसार अप्रैल 2022 से मार्च 2023 के बीच रेलवे Ministry of Railways ने यात्रियों से सुपरफास्ट चार्ज के नाम पर 168 करोड़ रुपये की अवैध वसूली कर ली। सीएजी ने इसे अवैध इसलिए कहा है कि ये ट्रेन सुपरफास्ट ट्रेन के लिए निर्धारित औसत गति का मानदंड पूरा नहीं करते हैं। इस मसले को अगस्त 2024 में उठाया गया। तब रेलवे ने अपनी गलती मानी और भूल सुधार के लिए उपाय करने की बात कही।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।