
WFH Policy : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा और ईंधन की खपत कम करने संबंधी अपील के बाद आईटी सेक्टर में ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। आईटी कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार से इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
Nascent Information Technology Employees Senate (NITES) ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर मांग की है कि आईटी और आईटी-सक्षम सेवा कंपनियों को जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने संबंधी एडवाइजरी जारी की जाए।
संगठन का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान आईटी सेक्टर ने बड़े पैमाने पर रिमोट वर्क को सफलतापूर्वक अपनाया था, जिससे बिना उत्पादकता प्रभावित हुए कामकाज जारी रहा। NITES ने कहा कि अब वर्क फ्रॉम होम को सिर्फ कॉर्पोरेट सुविधा नहीं, बल्कि ईंधन बचत, ट्रैफिक कम करने और शहरी ढांचे पर दबाव घटाने के राष्ट्रीय प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।
NITES के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि लाखों कर्मचारी रोजाना घंटों सफर करते हैं, जबकि उनके कई काम ऑनलाइन आसानी से किए जा सकते हैं। इससे ईंधन की खपत बढ़ती है और कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
वहीं Forum for IT Employees (FITE) ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए सरकार से औपचारिक अधिसूचना जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कर्मचारी स्वयं कंपनी की नीतियां तय नहीं कर सकते, इसलिए केंद्र सरकार का स्पष्ट निर्देश जरूरी है।
इस बीच Nasscom ने कहा है कि मध्य पूर्व में तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर चिंताओं के बीच कई टेक कंपनियां पहले ही हाइब्रिड और रिमोट वर्क मॉडल को बढ़ावा देने के साथ ऊर्जा बचत उपाय अपना रही हैं।

