चीन से मुकाबले के लिए आईटीबीपी ने सीमा पर ड्रोन प्लाटून बनाईं, भूमिगत बंकर बना रही है: डीजी

चीन सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आईटीबीपी ने सभी सीमा इकाइयों में ड्रोन प्लाटून गठित की हैं। गलवान जैसी झड़पों से निपटने के लिए नया स्ट्राइक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया।

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नई दिल्ली: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने चीन से लगती सीमा पर अपनी सभी सीमा इकाइयों में ड्रोन प्लाटून गठित की हैं। इसके अलावा, गलवान जैसी झड़पों से निपटने के लिए ‘स्ट्राइक’ नाम से एक नया प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया है और आधुनिक युद्ध की जरूरतों के मद्देनजर सीमा पर बड़े पैमाने पर भूमिगत ढांचे बनाए जा रहे हैं। आईटीबीपी के महानिदेशक (डीजी) शत्रुजीत सिंह कपूर ने राजस्थान के अलवर स्थित बल के एक केंद्र में बृहस्पतिवार को जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि चीन से पारंपरिक युद्ध तरीकों से मुकाबला करने का दौर बीत चुका है, इसलिए बल अपने जवानों, हथियारों, वाहनों और सीमा चौकियों के आधुनिकीकरण में निवेश कर रहा है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।