
Latehar News : महुआडांड़ प्रखंड के अति पिछड़े एवं आदिवासी बहुल जामडीह गांव में बन रहे स्वास्थ्य उप केंद्र को चुपचाप सेमरबूढनी स्थानांतरित किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। मामले को लेकर शुक्रवार को ओरसा पंचायत की मुखिया अमृता देवी ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ डीसी को ज्ञापन सौंपकर जामडीह में ही केंद्र बनाने की मांग की।
टेंडर के बाद बदला गया स्थल
भवन प्रमंडल लातेहार द्वारा जामडीह में स्वास्थ्य उप केंद्र निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी। ग्रामीणों के अनुसार यहां नींव की तैयारी भी थी। लेकिन अचानक बिना ग्राम सभा की जानकारी और बिना किसी सार्वजनिक सूचना के निर्माण स्थल को सेमरबूढनी शिफ्ट कर दिया गया।
“15 किमी में नहीं कोई सुविधा”
डीसी को दिए ज्ञापन में मुखिया अमृता देवी ने कहा कि जामडीह पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्र है। यहां से 15 किलोमीटर के दायरे में कोई स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। प्रसव, सर्पदंश और मलेरिया जैसी स्थिति में मरीजों को महुआडांड़ या लातेहार रेफर करना पड़ता है। ऐसे में केंद्र का स्थानांतरण ग्रामीणों के साथ अन्याय है।
मुखिया ने कहा सरकार गांव-गरीब की बात करती है, लेकिन जामडीह जैसे आदिवासी गांव की अनदेखी की जा रही है। टेंडर जामडीह के नाम पर निकला और बिल्डिंग कहीं और बन रही है। यह ग्राम स्वराज का अपमान है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
आविलंब रद्द की मांग
मुखिया ने डीसी से मांग की कि अविलंब स्थानांतरण आदेश रद्द कर जामडीह में ही स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू कराया जाए।
डीसी ने दिए जांच के निर्देश
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद डीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जामडीह और सेमरबूढनी दोनों स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनभावना और आवश्यकता को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में जामडीह, ओरसा के ग्रामीण मौजूद थे।



