जामडीह में जरेडा की ‘रोशनी’ हुई गुल!

महुआडांड़ के जामडीह गांव में लाखों रुपये से लगा जरेडा का सोलर सिस्टम खराब पड़ा है। खंभे और पैनल मौजूद हैं, लेकिन ग्रामीणों के घरों में रोशनी नहीं पहुंच रही।

Razi Ahmad
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  • लाखों खर्च के बाद भी गांव अंधेरे में, सोलर सिस्टम बना शोपीस
  • ग्रामीणों का सवाल—योजना लगी, फिर देखरेख की जिम्मेदारी किसकी?

महुआडांड़: ओरसा पंचायत के जामडीह गांव में ग्रामीणों को रोशन करने के लिए जरेडा की ओर से लगाया गया सोलर बिजली सिस्टम अब सरकारी योजनाओं की हकीकत पर सवाल खड़ा कर रहा है। लाखों रुपये की लागत से लगाए गए सोलर पैनल और उपकरण गांव में मौजूद हैं, लेकिन बिजली की रोशनी गायब है। सिस्टम खराब होने के बाद ग्रामीणों को फिर पुराने अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है।

खंभे-पैनल मौजूद, बिजली नदारद

गांव में सोलर सिस्टम के खंभे और पैनल तो नजर आते हैं, लेकिन घरों तक रोशनी नहीं पहुंच रही। ग्रामीणों का कहना है कि योजना शुरू होने के बाद कुछ समय तक बिजली मिली, लेकिन खराबी आने के बाद सिस्टम की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

अंधेरे में बच्चों का भविष्य

बिजली नहीं रहने का सबसे बड़ा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। शाम होते ही गांव में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने से लेकर रोजमर्रा के जरूरी कामों तक के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

ग्रामीणों ने जरेडा और जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने, खराब सोलर सिस्टम को तत्काल दुरुस्त कराने और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।