जमशेदपुर : मौसम में हो रहे बदलाव और सुबह-शाम हल्की ठंड की दस्तक के साथ ही लोगों की सेहत पर इसका असर दिखने लगा है। शहर में इन दिनों सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसका सीधा असर महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में देखने को मिल रहा है। अस्पताल में पिछले दो दिनों के दौरान कुल 2876 मरीजों ने इलाज कराया है। अक्टूबर महीने में अब तक ओपीडी में इतनी अधिक भीड़ दर्ज की गई है।

अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को 1450 मरीज इलाज कराने पहुंचे, जबकि शुक्रवार को 1426 मरीजों ने ओपीडी में चिकित्सकीय परामर्श लिया। लगातार दो दिनों तक मरीजों की संख्या 1400 के पार रहने से अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। इससे पहले के दिनों में मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हो गई।
बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर
बदलते मौसम का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है। दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव और सुबह-शाम की ठंड के कारण लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। वहीं, सांस संबंधी परेशानी से पीड़ित मरीज भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन और शिशु रोग विभाग में ऐसे लक्षणों वाले मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव के इस दौर में लोगों को अपनी सेहत के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
बिना डॉक्टर की सलाह के न लें दवा
चिकित्सकों ने लोगों को मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं खरीदकर खाने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी, खांसी और बुखार जैसे सामान्य दिखने वाले लक्षण अलग-अलग बीमारियों के कारण भी हो सकते हैं। ऐसे में बीमारी की सही पहचान और समय पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है। खुद से दवा लेने के बजाय लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
बच्चों में ये लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं इलाज
एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. केके चौधरी ने अभिभावकों से बच्चों को ठंड से बचाने और उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों में तेज बुखार, लगातार उल्टी, असामान्य सुस्ती या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। उन्होंने मौसम में बदलाव के दौरान खानपान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी। चिकित्सकों के मुताबिक, समय पर जांच, उचित इलाज और जरूरी सावधानियां बरतकर मौसमी बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। फिलहाल, एमजीएम अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या मौसम में बदलाव के बीच लोगों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को उजागर कर रही है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।


