जमशेदपुर में 28 मार्च को निकलेगा रामनवमी का अखाड़ा जुलूस, सभी समितियों ने मिलकर लिया निर्णय

जमशेदपुर में रामनवमी को लेकर अखाड़ा समितियों की बैठक में फैसला लिया गया कि 27 मार्च को पूजा और 28 मार्च को पारंपरिक अखाड़ा जुलूस निकाला जाएगा।

Vinita Choubey
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Jamshedpur Ram Navami : जमशेदपुर में रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से मनाने को लेकर शहर की विभिन्न अखाड़ा समितियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। माइकल जॉन ऑडिटोरियम में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 27 मार्च को रामनवमी पूजा और 28 मार्च को पारंपरिक अखाड़ा जुलूस निकाला जाएगा।

इस बैठक का आयोजन जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी समिति और विश्व हिंदू परिषद की ओर से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और प्रभु श्रीराम के भक्ति गीत के साथ हुई। बैठक में समिति के संरक्षक अभय सिंह और अध्यक्ष अरुण सिंह ने सभी अखाड़ा समितियों से अपील की कि आयोजन के दौरान यदि किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो उसे जिला प्रशासन के साथ साझा कर समाधान निकाला जाएगा।

संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी समस्याएं और सुझाव भी रखे। कई समितियों ने दशमी के दिन निकलने वाली शोभायात्रा के दौरान मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट करने की मांग की, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बने। साथ ही संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की भी मांग उठाई गई।

पारडीह स्थित श्रमिक बजरंग अखाड़ा समिति ने अखाड़ा स्थल से अतिक्रमण नहीं हटने पर जुलूस नहीं निकालने की चेतावनी दी। वहीं भुइयांडीह के उदय सिंह अखाड़ा समिति ने सुझाव दिया कि स्थानीय थाना केवल संबंधित अखाड़ा समिति के साथ ही बैठक आयोजित करे। इसके अलावा दशमी से पहले नदी में डैम का पानी छोड़े जाने की मांग भी रखी गई, ताकि नदी की सफाई हो सके और विसर्जन मार्ग पर कोई बाधा न आए।

बैठक में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि 19 मार्च से हिंदू नववर्ष के साथ रामोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जो रामनवमी और हनुमान जयंती तक जारी रहेगा। उन्होंने सभी लोगों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

कार्यक्रम में कदमा, सोनारी, साकची, मानगो, जुगसलाई, बिष्टुपुर, गोलमुरी, बागबेड़ा और परसुडीह समेत शहर के कई प्रमुख अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी समिति के कोषाध्यक्ष दिलजय बोस का विशेष योगदान रहा।

 

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