जमशेदपुर में WWII अमेरिकी जिंदा बम को डिफ्यूज करने उतरी भारतीय सेना, एक किलोमीटर तक का एरिया किया गया सील

जमशेदपुर में WWII का 227 किलो का अमेरिकी जिंदा बम मिला, सेना ने हाई-रिस्क डिफ्यूज अभियान शुरू किया, इलाके को सील कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

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जमशेदपुर: जमशेदपुर में WWII अमेरिकी जिंदा बम को डिफ्यूज करने के लिए भारतीय सेना ने हाई-रिस्क डिफ्यूज अभियान शुरू किया है। बम पूरी तरह एक्टिव और बेहद संवेदनशील बताया जा रहा है। इसलिए पूरे इलाके को एक किलोमीटर के दायरे में सील कर दिया गया है। सेना और प्रशासन ने इलाके में किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी है। ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। बम निष्क्रिय करने के लिए नदी किनारे विशेष गड्ढा तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा पास के एक घर के समीप एक और संदिग्ध बम मिलने की सूचना से तनाव और बढ़ गया है।

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

घटना के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल है। कई ग्रामीण जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। सेना, पुलिस और प्रशासन की तैयारियां सोमवार से ही सेना, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर डटी हुई हैं। मंगलवार से मुख्य डिफ्यूज अभियान शुरू होने की संभावना है, जिसे लेकर पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

बताते चलें कि जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी किनारे बालू खुदाई के दौरान पाए गए द्वितीय विश्व युद्ध के 227 किलो (500 पाउंड) वजन वाले अमेरिकी एएन-एम 64 मॉडल जिंदा बम ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। उसी बम को डिफ्यूज करने के लिए भारतीय सेना उतरी है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।