
रांची : राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में अब मरीजों को बेहतर, सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई योजना तैयार की है।
इस पहल के तहत रिम्स में जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के साथ-साथ कंज्यूमेबल्स (जैसे सिरिंज, ग्लव्स आदि) और इम्प्लांट्स (जैसे स्टेंट, ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट) भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे मरीजों को बाहरी मेडिकल दुकानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और इलाज की कुल लागत में कमी आएगी। रिम्स प्रबंधन अलग अलग विभागों में 3 से 4 इकोनॉमिकल ड्रग एंड कंज्यूमेबल्स स्टोर खोलने की तैयारी कर रहे है।
इस योजना को सफल बनाने के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का “हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड” बनाया जाएगा। इस फंड के जरिए दवाओं और आवश्यक सामग्रियों की नियमित खरीद और आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी समय स्टॉक की कमी न हो।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके मदद से दवाओं की खरीद, स्टॉक और वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक की जाएगी। साथ ही, मरीजों को निर्धारित दरों पर ही दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सख्त निगरानी भी रखी जाएगी।
इस पहल से न केवल मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि सरकारी अस्पतालों में भरोसा भी बढ़ेगा। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रिम्स प्रबंधन भविष्य में इस योजना को और विस्तारित करने की भी तैयारी कर रहा है, जिसमें ई-फार्मेसी, केंद्रीकृत दवा भंडारण और 24 घंटो मेडिकल सप्लाई जैसी सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं।

