जेसोवा मेले के 300 से अधिक स्टॉलों पर दिखा महिला उद्यमियों का हुनर, जूट बैग और छठ के सामान बने आकर्षण का केंद्र

रांची के मोरहाबादी मैदान में जेसोवा दीपावली मेला आकर्षण का केंद्र बना है। 300 से अधिक स्टॉल पर महिला उद्यमियों के हस्तनिर्मित उत्पाद और छठ पूजा सामग्री उपलब्ध हैं।

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रांची: झारखंड आईएएस वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) की ओर से मोरहाबादी मैदान में आयोजित ‘जेसोवा दीपावली मेला-2026’ के दूसरे दिन शुक्रवार को खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में लोग पहुंचे। मेले को ‘गांव-गलियारे’ की थीम पर सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटिंग और हाथ से बने सजावटी सामान मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। मेले में देशभर से आई महिला उद्यमियों द्वारा 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां लोगों को महिला कारीगरों के हुनर को देखने और खरीदारी करने का अवसर मिल रहा है। झारखंड के अलग-अलग जिलों से आई ग्रामीण महिलाएं भी अपने हाथों से बनाए सामान लेकर पहुंची हैं। जिनमें रूपम झा का मिथिला का मखाना और श्रमक्राफ्ट के मशरूम से बने चॉकलेट व नूडल्स लोगों द्वारा काफी पसंद किए जा रहे हैं। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आगंतुकों ने जमकर आनंद उठाया। यह मेला 3 नवंबर तक आयोजित रहेगा।

कल्पना की तस्वीर वाले जूट बैग कर रहे आकर्षित

मेले में गांडेय विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं द्वारा तैयार जूट के बैग विशेष रूप से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इन बैगों पर गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू की तस्वीर छपी हुई है। स्टॉल पर मौजूद उषा देवी और आशा कुमारी ने बताया कि विधायक से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए उन्होंने उनकी तस्वीर वाले बैग तैयार किए हैं। इसके अलावा ‘जोहार’ लिखा जूट का बैग भी लोगों को काफी पसंद आ रहा है। गांडेय दस्तकार की ओर से लगाए गए इस स्टॉल पर जूट के हैंडलूम उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं, जिनके जरिए प्लास्टिक की थैलियों के बजाय जूट के थैले इस्तेमाल करने का पर्यावरण-अनुकूल संदेश दिया जा रहा है।

छठ पूजा के लिए सूप, दौरा और झाड़ू भी

मेले में दीपावली के सजावटी सामानों के साथ-साथ लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा की सामग्री भी उपलब्ध है। दूर-दराज के गांवों से आई आधी आबादी (महिला कारीगर) बांस से बने सूप, दौरा और झाड़ू लेकर पहुंची है। उर्मिला महली ने बताया कि उनके स्टॉल पर लोग दीपावली के साथ-साथ छठ पूजा के लिए सूप और झाड़ू की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं देवघर की भवानी महली, जो अपनी सास और बच्चों के साथ मेले में आई हैं, बांस के बने सुंदर उत्पाद बेच रही हैं।

सीसीएल: बच्चों ने दिया सत्यनिष्ठा का संदेश

दूसरी ओर सीसीएल मुख्यालय में शुक्रवार को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत कर्मचारियों के बच्चों के लिए कविता पाठ, चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। ‘सतर्कता जागरूकता से समृद्धि’ थीम पर आयोजित इस प्रतियोगिता में 200 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लेकर अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से सत्यनिष्ठा का संदेश दिया।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।