रांची : स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद झारखण्ड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्यभर के 108 आपातकालीन एम्बुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर सेवा देते हुए अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।

संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने बताया कि गत 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 15 से 20 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया था। समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने कहा कि दिन-रात आपातकालीन सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के वेतन, रोजगार सुरक्षा और वैधानिक अधिकारों के लंबित मामलों का समाधान न होना बेहद निराशाजनक है।
संघ की मुख्य मांगों में 108 एम्बुलेंस सेवा का सरकारी स्तर पर संचालन कर सिविल सर्जन के माध्यम से वेतन भुगतान, ‘सम्मान फाउंडेशन’ द्वारा हटाए गए कर्मचारियों की ससम्मान बहाली और सभी कर्मियों को ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी व न्यूनतम वेतन जैसे वैधानिक अधिकार देना शामिल है। महामंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार महज आश्वासन पर आंदोलन वापस नहीं होगा और मांगे पूरी होने तक प्रदर्शन अनुशासित व लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
जारी आंदोलन के तहत 6 से 9 अक्टूबर तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे।


