
जमशेदपुर : झारखंड में लगातार बढ़ रहे हाथियों के अतिक्रमण को रोकने के लिए वन विभाग एक नई पहल करने जा रहा है। इसमें तकनीक का सहारा लिया जाएगा। पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले के जिन भी हिस्सों में हाथी प्रभावित क्षेत्र हैं, अब उन स्थानों पर अत्याधुनिक एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की मदद से जंगल और गांव के आसपास हाथियों की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी, ताकि सही समय पर लोगों को चेतावनी दी जा सके और लोग सतर्क रह सकें। इससे गांव के लोगों को भी काफी सुविधा होगी। उन्हें रात भर जागकर हाथियों से बचाव नहीं करना पड़ेगा ।
इन कैमरों के लिए कई जगहों पर करीब 40 फीट ऊंचे टावर भी बनाए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि जैसे ही कोई हाथी कैमरे की रेंज में आएगा, सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाएगा और सायरन बजने लगेगा। इससे आसपास के गांवों के लोगों और वन विभाग की टीम को पहले ही जानकारी मिल जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे फसल नुकसान, घरों में तोड़फोड़ और जान-माल की हानि जैसी घटनाओं में कमी आएगी।
डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि फिलहाल 26 कैमरे लगाए जा रहे हैं। चाकुलिया क्षेत्र के राजाबासा, जमुआ, माचाडीहा, कलसीमुंगा, मोरबेड़ा और पूर्णापानी गांवों में कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं चांडिल क्षेत्र के कुकड़ू, नीमडीह, कुसपुतुल और अंडा गांव भी इस योजना में शामिल हैं। दलमा सेंचुरी के हाथियों के आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। लंबे समय से इन इलाकों में हाथियों के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी।

