रांची : झारखंड की सियासत में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में मंत्री के दो पद खाली हैं। दोनों पद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) कोटे के हैं। ऐसे में इन पदों को भरने को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। दरअसल, तत्कालीन शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद उनके विभाग की जिम्मेदारी नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को दी गई थी। बाद में सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद अब सरकार के सामने मंत्रिमंडल में खाली हुई जगहों को भरने की चुनौती है। सुदिव्य कुमार सोनू के पास नगर विकास के अलावा शिक्षा, पर्यटन और अन्य महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी थी। ऐसे में इन विभागों के बंटवारे और सरकार में नए मंत्रियों को शामिल किए जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मंत्री पद के संभावित दावेदारों को लेकर झामुमो के भीतर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें मथुरा महतो, राम सूर्य मुंडा, अनंत प्रताप देव, सुदीप गुड़िया और बसंत सोरेन के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। सियासी चर्चा के मुताबिक, इन पांच नामों में से दो विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ही लेना है। मंत्री पद के चयन में क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण, राजनीतिक अनुभव, संगठन में भूमिका और विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जा सकता है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि झामुमो के इन पांच चेहरों में से किन दो विधायकों को हेमंत सोरेन कैबिनेट में जगह देते हैं? आने वाले दिनों में इसको लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

