रांची : रिम्स में एमबीबीएस के नए शैक्षणिक सत्र के लिए ‘आरोहण-2026’ फाउंडेशन कोर्स की औपचारिक शुरुआत हो गई है। पहली बार बढ़ी हुई 250 सीटों पर राज्य और केंद्रीय कोटे से नामांकित विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानकों के तहत आयोजित यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम आगामी 3 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका उद्देश्य नए विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के माहौल, व्यावसायिक मूल्यों और चिकित्सकीय दायित्वों के अनुकूल ढालना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिंह ने छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि डॉक्टरी की पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संवेदनशील, नैतिक और जिम्मेदार चिकित्सक बनने की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, मरीजों के प्रति सहानुभूति और टीम भावना अपनाने की सलाह दी। वहीं डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेन्द्र बिरुआ ने छात्रों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राहुल प्रसाद ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा की, जबकि एमईयू कोऑर्डिनेटर डॉ. मृत्युंजय मुंडू ने फाउंडेशन कोर्स के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस एक महीने के दौरान छात्रों को मेडिकल पढ़ाई के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक आचरण जैसी बुनियादी बातों से अवगत कराया जाएगा। संस्थान के विभिन्न विभागों के शिक्षकों और अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम के साथ ही नए बैच ने उत्साह के साथ अपनी चिकित्सा यात्रा की शुरुआत की।

