रांची: झारखंड में चुनावी पारा चढ़ने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय सांगठनिक बैठक और चुनाव सह-प्रभारी नितिन नवीन के रांची आगमन पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चौतरफा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मृदुल राज ने भाजपा के इस पूरे आयोजन को ‘महामंथन’ के बजाय ‘महा-नौटंकी’ और ‘चुनावी हताशा’ का जीवंत प्रमाण करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के जागरूक दलित, आदिवासी, गरीब और युवा भाजपा के इन प्रायोजित तमाशों की हकीकत को अच्छी तरह समझ चुके हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेता रांची के AC कमरों में बैठकर जो षड़यंत्र कर रहे हैं, वह दरअसल झारखंड से उनकी स्थायी विदाई की अंतिम स्क्रिप्ट है। राज्य के शोषित और वंचित समाज ने इस जनविरोधी दल को सत्ता से कोसों दूर रखने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली या दूसरे राज्यों से चाहे जितने भी ‘चुनावी प्रवासी’ नेता रांची आ जाएं, यहाँ भाजपा का सूपड़ा साफ होना पूरी तरह तय है।

खनिज राजस्व लूटने की साजिश, नितिन नवीन दें हिसाब
मृदुल राज ने केंद्र की मोदी सरकार पर झारखंड के वित्तीय अधिकारों पर डकैती डालने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के हक का ₹1.36 लाख करोड़ (कोल रॉयल्टी का बकाया) सांप की तरह कुंडली मारकर दबाए बैठी है। उन्होंने सवाल दागा कि राज्य का हक मारने वाले नेता किस मुंह से रांची आ रहे हैं? हालिया MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 की धारा 9D के जरिए राज्यों से ‘मिनरल लैंड सेस’ वसूलने का अधिकार छीना जा रहा है, जिससे झारखंड को हर साल ₹8,000 से ₹14,000 करोड़ का सीधा राजस्व नुकसान होगा। नितिन नवीन सांगठनिक बैठक करने से पहले यह बताएं कि यह बकाया पैसा और अधिकार कब वापस मिलेगा?
जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कराना चाहती है भाजपा
कांग्रेस का आरोप है कि झारखंड का 85% गैर-कर राजस्व खनन से आता है। इस पैसे को रोककर भाजपा दरअसल हेमंत सोरेन सरकार की बेहद लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना’, सर्वजन पेंशन योजना और ‘अबुआ आवास योजना’ जैसी कल्याणकारी स्कीमों को वित्तीय संकट में डालकर बंद कराना चाहती है। खनिज और जमीन झारखंड की है, तो हमारे हक का फैसला दिल्ली के पूंजीपति नहीं कर सकते।
गिरिडीह में झामुमो, कांग्रेस और राजद की एकतरफा जीत तय
रोजगार और स्थानीयता के मुद्दे पर घेरते हुए प्रवक्ता ने भाजपा को ‘परीक्षा माफिया’ का सरगना और 1932 के खतियान व सरना धर्म कोड का धुर विरोधी बताया। उन्होंने दावा किया कि आगामी गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव में झामुमो, कांग्रेस और राजद (INDIA गठबंधन) की एकतरफा ऐतिहासिक जीत बिल्कुल तय है, क्योंकि गिरिडीह हमेशा से महागठबंधन का अभेद्य किला रहा है। मृदुल राज ने कहा कि करारी शिकस्त के डर से हताश भाजपा में इस वक्त टिकटों की दलाली और अंदरूनी ‘जूतमपैजार’ मची हुई है, जिससे उनका यह दो दिवसीय शो पूरी तरह सुपरफ्लॉप साबित होने वाला है।


