लोकतंत्र बचाओ सप्ताह का आगाज, ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान से कांग्रेस ने बुलंद की संवैधानिक अधिकारों की आवाज

झारखंड कांग्रेस ने लोकतंत्र बचाओ सप्ताह की शुरुआत कर मताधिकार और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। केशव महतो कमलेश ने वोट बचाओ–देश बचाओ अभियान शुरू किया।

Archana Ekka
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रांची : प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के संकल्प के साथ ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ का आगाज किया। इस अवसर पर मांडर विधानसभा क्षेत्र के बेड़ो प्रखंड अंतर्गत खक्शी टोली में ताम्रपात्र से बिभूषित टाना भगतो को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश शामिल हुए। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए उनके त्याग, संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के प्रावधानों को पढ़कर उपस्थित लोगों को सुनाया। उन्होंने कहा कि वयस्क मताधिकार भारतीय लोकतंत्र की बुनियादी ताकत है। देश के प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का समान अवसर मिलना चाहिए। वोट केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की आवाज, उसके अधिकार और लोकतंत्र में उसकी भागीदारी का प्रतीक है। केशव महतो कमलेश ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस लोकतांत्रिक भारत की कल्पना की थी, उसकी आत्मा संविधान में बसती है। लोकतंत्र की मजबूती तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब संवैधानिक संस्थाएं निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार का सम्मान हो। उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और संविधान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।

प्रदेश अध्यक्ष ने टाना भगतों और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टाना भगत समुदाय ने सत्य, अहिंसा, सादगी और स्वदेशी जैसे मूल्यों को आत्मसात कर स्वतंत्रता आंदोलन में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनका संघर्ष हमें सिखाता है कि अन्याय के विरुद्ध शांतिपूर्ण और संगठित प्रयासों के माध्यम से अपने अधिकारों की रक्षा की जा सकती है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्श आज भी लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में जिन लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनका सपना ऐसा भारत बनाना था, जहां हर नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और न्याय मिले। उन महान सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम संविधान की मूल भावना की रक्षा करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाली हर चुनौती के प्रति सजग रहें।
‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के माध्यम से कांग्रेस का संकल्प है कि मताधिकार के महत्व को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए, पात्र मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनभागीदारी को मजबूत बनाया जाए। ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ का संदेश इसी संकल्प का प्रतीक है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।