रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और राज्य को ‘डिजिटल हेल्थ’ के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। रांची में 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक दो दिवसीय ‘डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में रोबोटिक सर्जरी, टेली-आईसीयू, टेलीमेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष फोकस रहेगा।

मंगलवार को इस संबंध में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इस दो दिवसीय आयोजन और झारखंड के डिजिटल हेल्थ रोडमैप की विस्तृत जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ‘डिजिटल झारखंड’ के विजन को स्वास्थ्य के क्षेत्र में धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता है। उनका लक्ष्य है कि आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद मरीजों तक भी पहुंचे। कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा 10-बेडेड आईसीयू का शुभारंभ भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीक और एआई डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने का माध्यम हैं, उनका विकल्प नहीं। मरीज का अंतिम चिकित्सकीय निर्णय और प्रिस्क्रिप्शन प्रशिक्षित डॉक्टर ही देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक के प्रयोग के साथ-साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की मानवीय संवेदना बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ स्कीम’ के तहत अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ा जा चुका है। अब अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन, भुगतान और जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाएं व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसे जल्द ही सभी जिला अस्पतालों में लागू किया जाएगा। इसके अलावा, नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को ‘आभा’ के जरिए डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने और अस्पतालों को पेपरलेस बनाने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है।
राज्य में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि रिम्स-2 की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है और मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस तथा पीजी सीटों में भी बढ़ोतरी की गई है। एक सवाल पर अपर मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि अस्पतालों में दवा खरीद के लिए पर्याप्त फंड दिया गया है और यदि इसमें कोई लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा और संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


