स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच सीबीआई से करायी जाए : बाबूलाल मरांडी

झारखंड स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के घोटाले का आरोप, बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच की मांग की। एंबुलेंस खरीद और दवा एक्सपायर मामले को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा।

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रांची : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि छह साल से राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार है। भ्रष्टाचार इस कदर है जिसका कोई वर्णन नहीं है। राज्य में कानून व्यवस्था खराब रहने का प्रमुख कारण भ्रष्टाचार ही है। इस कदर बढ़ गया है कि कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है और सरकार कमाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ऑडिट भी चल रही है। नामकुम एनएचएम में छावनी बना दिया गया है।झारखंड मेडिकल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर बीपीसीएल इसमें जिसे जो कंसल्टेंट बनाया गया है। इसमें अधिकतम तीन साल की सेवा की, सेवा विस्तार का कैबिनेट से पास कराया जाता है।

हैरानी की बात यह है कि शैलेन्द्र श्रीवास्तव को फिर से अवधि विस्तार किया गया। इनका काम है टेंडर मैनेज करना। 237 एम्बुलेंस खरीदा गया है। जिसमें करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है। 206 एंबुलेंस यूं ही पड़ा रहा है नामकुम परिसर में। ऐसे ही व्यक्ति को सेवा विस्तार दिया जाता है ताकि लूट की जा सके।संबंधित कंपनी के पास एम्बुलेंस निर्माण करने की कोई अनुभव नही था फिर उस कंपनी को काम दिया गया। करोड़ों रुपए की जीवन रक्षक दवाएं एक्सपायर हो गयी। फिर भी सरकार मौन है। वहीं, नामकुम परिसर को छावनी में तब्दील किया गया है ताकि यहां की कोई बात बाहर नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।