सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के कारण रुकी थी कार्रवाई
दरअसल, हाईकोर्ट ने 5 फरवरी 2026 को अंतरिम आदेश जारी कर JBVNL को तीन महीने के भीतर संबंधित नोटिसों का निपटारा करने को कहा था। इस आदेश को प्रतिवादी संख्या 8 और 9 ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP (C) संख्या 10538/2026) दाखिल कर चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई लंबित रहने के दौरान यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसके चलते JBVNL ने नोटिसों पर आगे की सुनवाई नहीं की।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया गया हवाला
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और JBVNL की ओर से अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 3 सितंबर 2026 के आदेश में हाईकोर्ट के 5 फरवरी के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया है। इसलिए निगम पहले दिए गए निर्देशों के अनुसार तीन महीने के भीतर नोटिसों का निपटारा करेगा।
1 फरवरी 2027 को होगी अगली सुनवाई
खंडपीठ ने JBVNL की ओर से दिए गए बयान को स्वीकार करते हुए तीन महीने के भीतर सभी संबंधित नोटिसों का निपटारा करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 1 फरवरी 2027 को दोपहर 2:15 बजे निर्धारित की गई है।


